Chunna Maurya
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Şort
एक गरीब किसान खेत में खड़ा आसमान की तरफ देखता है,
हाथ में हल, पैरों में मिट्टी और दिल में हज़ारों सवाल।
वो भगवान से शिकायत नहीं करता,
बस एक मासूम-सी दुआ करता है —
“हे भगवान! अगर अमीर बना नहीं सकते तो
कम से कम फसल काटने के बाद
कर्ज भी मेरे साथ-साथ खेत में ही दबा देना!”
यह चुटकुला सिर्फ हँसाने के लिए नहीं है,
यह उस किसान की आवाज़ है
जो दिन-रात मेहनत करता है,
फिर भी कर्ज से पीछा नहीं छुड़ा पाता।
🌱 फसल उगती है,
😓 पसीना बहता है,
📄 लेकिन कर्ज की फाइल मोटी होती जाती है।
इस हँसी के पीछे छुपा है
गरीब किसान का संघर्ष,
उसकी मजबूरी और उसकी उम्मीद।
👉 कभी हँसते-हँसते सोचिएगा ज़रूर,
क्योंकि यह मज़ाक नहीं,
सच की हल्की-सी चुभन है।
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